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तेनाली रामा की लीड तिकड़ी इंदौर पहुंची
इंदौर. तथाचार्य एक कॉमिकल विलेन है. इस में निभाने में मुझे बहुत मजा आ रहा है. इस किरदार के लिए मैंने बहुत मेहनत की है. यह एनर्जेटिग किरदार है. इसे करने में बहुत एनर्जी लगती है. तथाचार्य का किरदार रिबर्थ है पंकज बेरी का. मैं 1986 में इंडस्ट्री में आया था. इसलिए नई पौध (बच्चों) नहीं जानती पंकज बेरी कौन है. इस किरदार ने मुझे उनके बीच भी पहुंचा दिया.
यह कहना है अभिनेता पंकज बेरी का. दर्शकों के सपोर्ट के लिये उनका शुक्रिया अदा करने और उनके साथ थोड़े मौज-मस्ती के पल बिताने के लिये सोनी सब के मनोरंजक शो ‘तेनाली रामा की तिकड़ी अभिनेता कृष्णा भारद्वाज, मानव गोहिल और पंकज बेरी टीम के साथ अपने फैन्स से मिलने शुक्रवार इंदौर शहर पहुंची. साथ ही वे अनूठे कॉन्टेस्ट मैं भी तेनाली रामा का हिस्सा भी बने. इस फैंसी ड्रेस कॉन्टेस्ट में बच्चों ने अपने पसंदीदा किरदार ‘तेनाली रामा की तरह रूप धारण किया. इसे देख कलाकार भी उत्साहित हो उठे. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से चर्चा भी की और अपने अनुभव बांटे.
चर्चा करते हुए पंकज ने बताया कि रंगमंच मेरा शुरू से बैंकग्राउण्ड रहा है. मैं थियेटर करता था. मैंने ड्रामा में एमए किया है और गोल्ड मेडलिस्ट भी हूं. मैं शौकिया तौर पर इंडस्ट्री में नहीं आया था. अभिनय ही मेरी रोजी-रोटी था. इसके अलावा मुझे कुछ नहीं आता था. जो भी मैंने सीखा वह आज तक काम आ रहा है. थियेटर की ट्रेनिंग ने बहुत कुछ सिखाया.
मेरा मानना है एक्टर को अपनी छवि नहीं बनने देना चाहिए. मैंने फिल्मों और धारावाहिकों में हर बार डिफरेंट किरदार ही किया है. अभी तक पॉजीटिव, निगेटिव, गंभीर हर तरह का किरदार निभा चुका हूं. मैं 95 में एक शो में कॉमेडी कर चुका हूं इसलिए बहुत कम लोगों ने मुझे कॉमेडी करते हुए देखा है. तेनाली रामा में तथाचार्य का किरदार ऐसा है जिसमें सभी रस हैं. मेरे जीवन की एक खूबसूरत घटना है तेनाली रामा. जबकि मैं पहले सोच रहा था कि इसे करूं या नहीं क्योंकि इसके लिए मुझे टकला होना था.
एक्टिंग के साथ तकनीकी ज्ञान जरूरी: मानव
राजा कृष्णदेव राय की भूमिका निभा रहे मानव गोहिल ने बताया कि मैं गुजरात से हूं. पहले मेरी हिंदी फिल्मों तक ही सीमित थी. हिंदी साफ नहीं थी. उस दौरान ही काम करते हुए समझ गया कि मुझे हिंदी पर काम करना पड़ेगा. भाषा में कच्चा था इसलिए हिंदी और इंग्लिश दोनों पर ध्यान दिया. मेरा मानना है हर कलाकार को होमवर्क करना चाहिए. आजकल एक्टिंग का स्तर बदल गया है. अगर इसमें लंबा चलना है तो अच्छी एक्टिंग करना पड़ेगी. जो भी इसमें आना चाहता है समय और हार्ड वर्क दोनों देने तैयार रहे तभी इसमें कोशिश करें.
15-20 साल पहले इतने एक्टर नहीं थे. अब एक्टर को केवल एक्टिंग नहीं, क्राफ्ट भी आना जरूरी है. उसे लाइट के साथ अन्य तकनीकी चीजों का भी ज्ञान होना चाहिए. मानव ने कहा कि आज टीवी की ग्रोथ प्रतिबिंब है लोगों की अपेक्षाओं का. दर्शक जो दिखाना चाहते हैं वह दिखना जरूरी है. नहीं तो अच्छे शो भी नहीं चल पाते. मैं खुशकिस्मत रहा मैंने जितने भी शो किए उसमें अच्छा मैसेज ही गया है. मानव ने बताया कि मुझे मौका मिला तो वेबसीरिज और शार्ट फिल्म भी करूंगा. भविष्य में मैं एक्शन, थ्रिलर और डिटेक्टिव टाइप के रोल करना चाहता हूं.
एक्टिंग में काम आते है जीवन के अनुभव: कृष्णा
तेनाली रामा का किरदार निभा रहे कृष्णा भारद्वाज ने बताया कि मैं रांची से हूं. मैंने देखा है कि छोटे शहर के लोगों में बड़े शहरों की अपेक्षा आत्मविश्वास की कमी होती है. मैं जब 2004 में मुंबई आया था तब मुझमें भी आत्मविश्वास की कमी थी. इंग्लिश नहीं आती थी. ऑडिशन में फंबल किया करता था. बीच में ऐसा दौर भी आया जब मेरे पास काम और पैसा दोनों नहीं थे. उस समय समझ में आया कि खुद को दिमागी रूप से व्यस्त नहीं रखूंगा तो कुछ नहीं कर पाउंगा. मैं लौटने वाला था पर नहीं लौटा. मुझे बताना था कि मेरे अंदर एक्टिंग ही है. इस बात का विश्वास था और आज यहां तक आया.
कृष्णा ने बताया कि एक्टिंग में जीवन के अनुभव काम आते हैं. उसे आप किरदार में दिखा सकते हैं. मैंने अपने आप को बांधा नहीं है. मैं बहुत से किरदार करना चाहता हूं. कोई ड्रीम रोल नहीं है. अभी मेरी एक गुजराती फिल्म का सीक्वल आ रहा है. उसमें मेरा अलग किरदार है. इसके अलावा रोम-कॉम फिल्म के ऑफर आ रहे हैं, देखूंगा वो करना है या नहीं. अभी जो कर रहा हूं उसमें खुश हूं.


